भिकियासैंणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
सुरेन्द्र सिंह जीना (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 44.5% वोट पाकर भिकियासैंण सीट जीती और प्रताप बिष्ट (INC) को 4,130 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 46 कापकोट है।
विजेता
13.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र सिंह जीना NDA | NDA | 13,61544.5% |
| 2 | प्रताप बिष्ट UPA | UPA | 9,48531.0% |
| 3 | प्रयाग दत्त UKKD | UKKD | 4,30914.1% |
| 4 | हेमा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0293.4% |
| 5 | पुरुषोत्तम शर्मा CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7782.5% |
| 6 | गोविन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4511.5% |
| 7 | दीवान सिंह | 3401.1% | |
| 8 | दीवान राम | 3241.1% | |
| 9 | दीवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भिकियासैंण से कौन जीता, 2002–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 45.1% से बढ़कर 52.7% हो गया।
- 2002डॉ. प्रताप बिष्ट (INC), जीत का अंतर 8.3%
- 2007सुरेन्द्र सिंह जीना (BJP), जीत का अंतर 13.5%