थलीसैंणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर थलीसैंण सीट जीती और गणेश गोदियाल (INC) को 1,803 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 35 हरिद्वार ग्रामीण है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक NDA | NDA | 19,58247.0% |
| 2 | गणेश गोदियाल UPA | UPA | 17,77942.6% |
| 3 | ललित बिष्ट UKKD | UKKD | 9742.3% |
| 4 | राम भक्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 9602.3% |
| 5 | प्रेमलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6671.6% |
| 6 | छत्रपाल सिंह | 5881.4% | |
| 7 | भगवती प्रसाद ममगाईं निर्दलीय | निर्दलीय | 5041.2% |
| 8 | कलाम सिंह चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.8% |
| 9 | दयाल सिंह भंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.6% |
| 10 | सुरेन्द्र सिंह | 1050.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और UKKD को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थलीसैंण से कौन जीता, 2002–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 56.9% से बढ़कर 66.8% हो गया।
- 2002गणेश प्रसाद गोदियाल (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 2007डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक (BJP), जीत का अंतर 4.3%