थलीसैंणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
गणेश प्रसाद गोदियाल (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर थलीसैंण सीट जीती और डॉ. रमेश पोखरियाल (निशंक) (BJP) को 997 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 35 हरिद्वार ग्रामीण है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गणेश प्रसाद गोदियाल 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गणेश प्रसाद गोदियाल | 14,76443.6% | |
| 2 | डॉ. रमेश पोखरियाल (निशंक) NDA | NDA | 13,76740.6% |
| 3 | डॉ. शिवानंद नौटियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3887.0% |
| 4 | गबर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8122.4% |
| 5 | डॉ. त्रिलोक सिंह | 6051.8% | |
| 6 | शिव प्रसाद रतूड़ी राठी | 6041.8% | |
| 7 | ललित बिष्ट | 3180.9% | |
| 8 | जयंती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.8% |
| 9 | उम्मेद सिंह रावत (गणपति) UKKD | UKKD | 2020.6% |
| 10 | सतीश कुमार NDA | NDA | 1810.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थलीसैंण से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 2002गणेश प्रसाद गोदियाल (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 2007डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक (BJP), जीत का अंतर 4.3%