टिहरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
किशोर उपाध्याय (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर टिहरी सीट जीती और खेम सिंह चौहान (BJP) को 3,198 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 5 थराली है।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किशोर उपाध्याय UPA | UPA | 15,75535.3% |
| 2 | खेम सिंह चौहान NDA | NDA | 12,55728.1% |
| 3 | दिनेश धनई निर्दलीय | निर्दलीय | 9,90822.2% |
| 4 | वीरेन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2014.9% |
| 5 | महावीर सिंह UKKD | UKKD | 1,5433.5% |
| 6 | अनिल कुमार | 7821.8% | |
| 7 | भगवान सिंह राणा | 6151.4% | |
| 8 | केशव NDA | NDA | 5351.2% |
| 9 | कुशला सेमवाल BJSH | BJSH | 3940.9% |
| 10 | सत्ये सिंह राणा | 3270.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टिहरी से कौन जीता, 2002–2007
INC ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.0% से घटकर 35.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 43.2% से बढ़कर 58.1% हो गया।
- 2002किशोर उपाध्याय (INC), जीत का अंतर 10.5%
- 2007किशोर उपाध्याय (INC), जीत का अंतर 7.2%