ओडिशा का पहला, बँटा हुआ जनादेश
क्या हुआ
ओडिशा के पहले विधान सभा चुनाव से (ऐसा परिणाम जिसमें किसी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलतीं) विधान सभा बनी।
इंडियन नेशनल कांग्रेस 140 में से 67 सीटों के साथ सबसे आगे रही।
उसे 37.9% वोट मिले।
इसके बाद गणतंत्र परिषद 31 सीटों के साथ रही।
क्या बदला
राज्य विधान सभा के रूप में ओडिशा के अपने निर्वाचन क्षेत्रों के नक्शे पर भी यह पहला चुनाव था।
उस साल के कुछ निर्वाचन क्षेत्र बहु-सदस्यीय थे: एक ही मुक़ाबले से एक से ज़्यादा विधायक विधान सभा में जाते थे।
107 निर्वाचन क्षेत्रों में से 33 इसी तरह काम करते थे।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला पंचपीर, ओडिशा में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 104 वोटों से हुआ।
इस चुनाव में सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) बिसरा, ओडिशा में रहा, 68.2%।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से भवानीपटना, ओडिशा राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 1,35,159 नाम थे।
पूरे राज्य में 34.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
1 निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के आँकड़े राज्य के इस आँकड़े में शामिल नहीं किए जा सके।
पृष्ठभूमि
यह ओडिशा की अपनी विधान सभा का पहला चुनाव था, इसलिए राज्य में कहीं भी तुलना के लिए कोई पिछला परिणाम नहीं था।
उस साल दूसरे स्थान पर रही पार्टी की ताक़त पूर्व रियासतों के शासकों के एक गठजोड़ से आती थी।