धर्मशालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
परमानंद मोहन्ती (SP) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 44.3% वोट पाकर धर्मशाला सीट जीती और मोतीलाल पंडित (INC) को 1,164 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 63 पुरी है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। परमानंद मोहन्ती 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परमानंद मोहन्ती SP | SP | 10,56144.3% |
| 2 | मोतीलाल पंडित | 9,39739.4% | |
| 3 | भक्ता चरण मोहन्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1234.7% |
| 4 | आनंदा चन्द्र बराल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0174.3% |
| 5 | कंगाली चरण साहू | 7433.1% | |
| 6 | बांछानिधि पात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5452.3% |
| 7 | चक्रधर सामल निर्दलीय | निर्दलीय | 4742.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, INC और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।