औलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
राजा शैलेंद्र नारायण भंज देव (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 70.1% वोट पाकर औल सीट जीती और सहदेव दास (INC) को 15,301 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 66 काकटपुर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राजा शैलेंद्र नारायण भंज देव 46.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजा शैलेंद्र नारायण भंज देव निर्दलीय | निर्दलीय | 23,20870.1% |
| 2 | सहदेव दास | 7,90723.9% | |
| 3 | राम चन्द्र सुत्तर SP | SP | 1,0313.1% |
| 4 | राम चन्द्र परिडा निर्दलीय | निर्दलीय | 9532.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।