जनता दल की पहली ही बार में भारी जीत
क्या हुआ
एक नई बनी पार्टी ने अपने पहले ही चुनाव में भारी जीत के साथ सत्ता हासिल की।
जनता दल ने कुल 147 सीटों में से 123 सीटें जीतीं।
यह अकेले सरकार बनाने के लिए ज़रूरी 74 सीटों के आँकड़े से काफ़ी ऊपर था।
इंडियन नेशनल कांग्रेस बुरी तरह लुढ़क गई और सिर्फ़ 10 सीटों पर सिमट गई।
क्या बदला
यह जीत अकेले चुनाव लड़कर नहीं, एक (दलों का ऐसा समूह जो मिलकर चुनाव लड़ता है, और सब मिलाकर काफ़ी सीटें जीतने पर सत्ता में साझेदारी करता है) के ज़रिए आई।
उसने राष्ट्रीय मोर्चा नाम के गठबंधन के हिस्से के रूप में जीत हासिल की।
लगभग 55.5% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो पिछले चुनाव से ज़्यादा था।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: नीलगिरि, ओडिशा का फ़ैसला सिर्फ़ 60 वोटों से हुआ।
दूसरे छोर पर, कोदला, ओडिशा में इस चुनाव का सबसे बड़ा (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) रहा, 85.1% वोट; यह राज्य के सबसे एकतरफ़ा परिणामों में से एक था।
साल का सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) राजनगर, ओडिशा में दर्ज हुआ, 74.8%।
दूसरी तरफ़, साल का सबसे कम मतदान प्रतिशत चित्रकोंडा, ओडिशा में दर्ज हुआ, सिर्फ़ 31.5%।
पृष्ठभूमि
पहले दो स्थानों पर रही पार्टियों के अलावा इस बार सिर्फ़ कुछ छोटे दलों और निर्दलीयों ने सीटें जीतीं।
कुल मिलाकर 6 दलों ने सीटें जीतीं, और साथ में 6 निर्दलीय भी जीते।