खुर्दाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
प्रसन्न कुमार पटसानी (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 65.4% वोट पाकर खुर्दा सीट जीती और रामा चन्द्र महापात्र (INC) को 36,133 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 59 नयागढ़ थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 59 पाललहड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रसन्न कुमार पटसानी 44.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रसन्न कुमार पटसानी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 53,03065.4% |
| 2 | रामा चन्द्र महापात्र | 16,89720.8% | |
| 3 | दुर्गा चरण राउतराय KGP | KGP | 6,3187.8% |
| 4 | पदमा लोचन पलटासिंह | 2,5533.1% | |
| 5 | दुखीश्याम माओगराज JNP(JP) | JNP(JP) | 1,7332.1% |
| 6 | कुंतला कोडमसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.4% |
| 7 | रबिनारायण भंज देव निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.3% |
| 8 | कालीचरण चूतराय निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खुर्दा से कौन जीता, 1974–2004
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 50.5% से बढ़कर 56.3% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974बेनुधर बलियारसिंह (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1977सुदर्शन मोहन्ती (JNP), जीत का अंतर 4.5%
- 1980प्रसन्न कुमार पटसानी (INC(I)), जीत का अंतर 17.9%
- 1985जानकी बल्लभ पटनायक (INC), जीत का अंतर 42.1%
- 1990प्रसन्न कुमार पटसानी (JD), जीत का अंतर 44.5%
- 1995प्रसन्न कुमार पटसानी (JD), जीत का अंतर 4.9%
- 2000ज्योतिरिंद्र नाथ मित्र (IND), जीत का अंतर 5.3%
- 2004ज्योतिरिंद्र नाथ मित्र (BJD), जीत का अंतर 5.2%