खुर्दाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
प्रसन्न कुमार पटसानी (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर खुर्दा सीट जीती और जयतिरिन्द्र नाथ मित्र (INC) को 5,534 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 59 नयागढ़ थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 59 पाललहड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रसन्न कुमार पटसानी 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रसन्न कुमार पटसानी जनता दल | जनता दल | 51,37645.6% |
| 2 | जयतिरिन्द्र नाथ मित्र | 45,84240.7% | |
| 3 | भुबनेश्बर महाराणा वाम दल | वाम दल | 7,0516.3% |
| 4 | बृंदावन कलस | 4,3803.9% | |
| 5 | दुर्गा चरण ढाल OCP | OCP | 8570.8% |
| 6 | सुभाष चन्द्र मानसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7240.6% |
| 7 | भागीरथी भुजबल निर्दलीय | निर्दलीय | 6250.6% |
| 8 | बालाराम लेंका | 5950.5% | |
| 9 | प्रमोद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5470.5% |
| 10 | अफसर खान | 3460.3% | |
| 11 | राज किशोर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और CPM को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खुर्दा से कौन जीता, 1974–2004
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 65.4% से घटकर 45.6% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 56.3% से बढ़कर 69.2% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974बेनुधर बलियारसिंह (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1977सुदर्शन मोहन्ती (JNP), जीत का अंतर 4.5%
- 1980प्रसन्न कुमार पटसानी (INC(I)), जीत का अंतर 17.9%
- 1985जानकी बल्लभ पटनायक (INC), जीत का अंतर 42.1%
- 1990प्रसन्न कुमार पटसानी (JD), जीत का अंतर 44.5%
- 1995प्रसन्न कुमार पटसानी (JD), जीत का अंतर 4.9%
- 2000ज्योतिरिंद्र नाथ मित्र (IND), जीत का अंतर 5.3%
- 2004ज्योतिरिंद्र नाथ मित्र (BJD), जीत का अंतर 5.2%