नीलगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
चित्तरंजन सडंगी (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 34.4% वोट पाकर नीलगिरि सीट जीती और प्रदीप्त कुमार पंडा (CPM) को 60 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 17 सिमुलिया थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 17 सम्बलपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नीलगिरि का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 60 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चित्तरंजन सडंगी निर्दलीय | निर्दलीय | 31,97734.4% |
| 2 | प्रदीप्त कुमार पंडा वाम दल | वाम दल | 31,91734.3% |
| 3 | अक्षय कुमार आचार्य | 21,76023.4% | |
| 4 | बनमाली दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0443.3% |
| 5 | श्याम सुन्दर माझी | 2,7883.0% | |
| 6 | अर्ता मधेई निर्दलीय | निर्दलीय | 8560.9% |
| 7 | रघुनाथ नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 8 | राम चन्द्र पात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 9 | अशोक कुमार मुंध्रा | 1420.1% | |
| 10 | प्रह्लाद बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नीलगिरि से कौन जीता, 1974–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 59.4% से बढ़कर 65.9% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974बनमाली दास (CPM), जीत का अंतर 0.1%
- 1977राजेन्द्र चन्द्र मर्दराज (JNP), जीत का अंतर 5.6%
- 1980अक्षय कुमार आचार्य (INC(I)), जीत का अंतर 8.8%
- 1985सुकुमार नायक (INC), जीत का अंतर 13.0%
- 1990चित्तरंजन सडंगी (IND), जीत का अंतर 0.1%
- 1995अक्षय कुमार आचार्य (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 2000प्रदीप्त पंडा (CPM), जीत का अंतर 15.0%
- 2004प्रताप चन्द्र सरंगि (BJP), जीत का अंतर 13.9%