ओडिशा 2000 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
BJD: 68 सीटें (46.3%)BJP: 38 सीटें (25.9%)INC: 26 सीटें (17.7%)IND: 8 सीटें (5.4%)JMM: 3 सीटें (2.0%)AITC: 1 सीट (0.7%)CPI: 1 सीट (0.7%)CPM: 1 सीट (0.7%)JD(S): 1 सीट (0.7%)बहुमत के लिए 74147सरकार बनाने के लिए 74
चुनाव की कहानी

ओडिशा में नवीन पटनायक युग की शुरुआत

क्या हुआ

एक नई बनी पार्टी ने राज्य में पहली बार चुनाव लड़ते ही सत्ता हासिल कर ली।

बीजू जनता दल ने 68 सीटें जीतीं, जो अपने दम पर बहुमत से कम थीं।

उसने के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार चलाई।

क्या बदला

यह सरकार का बदलाव था, और जीतने वाली पार्टी पिछले चुनाव के समय थी ही नहीं।

इस बदलाव का सबसे साफ़ संकेत सीटों की अदला-बदली में दिखा: सबसे ज़्यादा सीटें ज्वाला दल से बीजद के पास गईं।

उस साल तुलना की गई 147 सीटों में से 34 सीटें अकेले इसी तरह गईं।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला भाद्रक, ओडिशा में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 532 वोट रहा।

दूसरे छोर पर, बड़म्बा, ओडिशा में इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा: पहले दो उम्मीदवारों के बीच 69.5% वोट का फ़ासला।

सबसे ज़्यादा मतदाता भुवनेश्वर, ओडिशा में थे, जहाँ 3,58,751 मतदाता पंजीकृत थे।

58.4% रहा, पिछले चुनाव से -13.2 प्रतिशत अंक का बदलाव।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव जीतने वाली पार्टी कुछ ही साल पहले एक ऐसे नेता ने बनाई थी, जो अपने दिवंगत पिता की राजनीतिक विरासत आगे बढ़ा रहे थे।

पहले दो स्थानों पर रही पार्टियों के अलावा उस साल कई तरह के छोटे दलों और निर्दलीयों ने भी सीटें जीतीं।

कुल मिलाकर 9 दलों ने सीटें जीतीं, और साथ में 8 निर्दलीय भी जीते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 147 सीटें