ओडिशा 1957 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 56 सीटें (40.0%)GP: 51 सीटें (36.4%)IND: 13 सीटें (9.3%)PSP: 11 सीटें (7.9%)CPI: 9 सीटें (6.4%)बहुमत के लिए 71140सरकार बनाने के लिए 71
  • INC5640.0%
  • GP5136.4%
  • निर्दलीय139.3%
  • PSP117.9%
  • CPI96.4%
चुनाव की कहानी

दूसरा कार्यकाल, फिर भी बहुमत नहीं

क्या हुआ

कांग्रेस ओडिशा में फिर जीती, पर उसे अपने दम पर बहुमत नहीं मिला।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 140 में से 56 सीटें जीतीं, जो 71 सीटों के बहुमत के आँकड़े से कम थीं; यह विधान सभा थी।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी गणतंत्र परिषद ने 51 सीटें जीतीं।

क्या बदला

यह विधान सभा भी बहु-सदस्यीय सीटों पर बनी थी, वही व्यवस्था जो ओडिशा के पहले चुनाव में थी।

101 में से 39 निर्वाचन क्षेत्रों में फिर यही व्यवस्था रही।

मैदान में पहली बार एक नई पार्टी भी आई: प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने अपनी सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला आनंदपुर, ओडिशा में हुआ, जहाँ फ़ैसला सिर्फ़ 128 वोटों से हुआ; उस साल किसी भी सीट पर यह सबसे कम था।

दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर लोईसिंघा, ओडिशा में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 61.3% आगे रहा।

इस चुनाव का सबसे अच्छा तिर्तोल, ओडिशा में दर्ज हुआ, 60.5%।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला फुलबनी, ओडिशा में था, जहाँ एक सीट के लिए 15 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

इस दौर में कांग्रेस का मुख्य विरोध किसी एक राष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी से नहीं, बल्कि पूर्व रियासतों में जड़ें रखने वाली पार्टियों से था।

इस साल भी ऐसी पार्टियों में सबसे बड़ी आवाज़ गणतंत्र परिषद ही रही।

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