जयपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में जयपुर से 2 सदस्य चुने गए: हरिहर मिश्रा (GP) और लाइचन नाईक (GP)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 3 नबरंगपुर थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 से सीट नंबर 3 नबरंगपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जयपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 721 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरिहर मिश्रा | 9,47719.7% | |
| 2 | लाइचन नाईक | 9,19219.1% | |
| 3 | गणेश्वर महापात्र | 8,75618.2% | |
| 4 | सुकदास गंडा | 6,97214.5% | |
| 5 | त्रिलोचन मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1416.5% |
| 6 | माधब नाईक | 2,7845.8% | |
| 7 | हरिशचन्द्र बक्सीपात्र | 2,7415.7% | |
| 8 | कुलधर डंब निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5633.3% |
| 9 | श्यामोसुंदरा भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2702.6% |
| 10 | सहदेव नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1422.4% |
| 11 | प्रहलाद डोलापति निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0192.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।