खलीकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
नारायण साहू (निर्दलीय) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 25.3% वोट पाकर खलीकोट सीट जीती और आनंदो स्वाईं (INC) को 975 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 16 पाललहड़ा के. नगर थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 से सीट नंबर 16 मोहना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,89225.3% |
| 2 | आनंदो स्वाईं | 3,91720.3% | |
| 3 | बालकोली ज्योतिष बिसारदा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,23116.7% |
| 4 | दंडपाणि प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,67613.8% |
| 5 | अनंतम मिश्रा | 1,93310.0% | |
| 6 | बौरीबंधु दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5578.1% |
| 7 | बनमाली स्वाईं निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1185.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 62% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।