कटक सदरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
निबेदिता प्रधान (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 35.9% वोट पाकर कटक सदर सीट जीती और प्रभात रंजन बिस्वाल (निर्दलीय) को 2,162 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 43 बांकी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 43 भंडारीपोखरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कटक सदर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,162 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निबेदिता प्रधान NDA | NDA | 41,42435.9% |
| 2 | प्रभात रंजन बिस्वाल निर्दलीय | निर्दलीय | 39,26234.0% |
| 3 | बिजयलक्ष्मी साहू | 25,35021.9% | |
| 4 | राजेन्द्र सिंह | 3,3842.9% | |
| 5 | सब्यसाचि साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4101.2% |
| 6 | स्वाधीनचेता मोहन्ती | 1,0660.9% | |
| 7 | नारायण साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 9470.8% |
| 8 | भ्रमरबर दास | 8600.7% | |
| 9 | प्रसन्न कुमार सेनापति निर्दलीय | निर्दलीय | 8210.7% |
| 10 | प्रशांत कुमार पसायत | 6350.6% | |
| 11 | अलेख दास | 3890.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कटक सदर से कौन जीता, 1974–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 68.1% से घटकर 56.9% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974त्रिलोचन कानूनगो (INC), जीत का अंतर 38.2%
- 1977संग्राम केशरी महापात्र (JNP), जीत का अंतर 33.8%
- 1980दोलगोबिंद प्रधान (INC(I)), जीत का अंतर 3.0%
- 1985डोल गोबिन्द प्रधान (INC), जीत का अंतर 12.8%
- 1990राजेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 36.7%
- 1995बिजय लक्ष्मी साहू (INC), जीत का अंतर 3.4%
- 2000निबेदिता प्रधान (BJP), जीत का अंतर 1.9%
- 2004प्रभात रंजन बिस्वाल (IND), जीत का अंतर 10.4%