देवगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
प्रदीप्त गंगा देब (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 72.4% वोट पाकर देवगढ़ सीट जीती और बाबा किशोर पटेल (INC) को 32,646 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 134 कामाख्यानगर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 134 दिगपहंडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रदीप्त गंगा देब 56.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रदीप्त गंगा देब राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 42,04772.4% |
| 2 | बाबा किशोर पटेल | 9,40116.2% | |
| 3 | सुभाष चन्द्र पाणिग्रही | 3,3905.8% | |
| 4 | अश्विनी बेहेरा JNP(JP) | JNP(JP) | 1,3542.3% |
| 5 | प्रसन्न नाईक JKP | JKP | 6741.2% |
| 6 | दुर्योधन माझी निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.8% |
| 7 | विद्याधर महा कुल निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.6% |
| 8 | बालिकी नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.4% |
| 9 | बसन्त बिहारी दंडिया KRP | KRP | 1990.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवगढ़ से कौन जीता, 1974–2004
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 40.5% से बढ़कर 42.0% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974त्रिभुवन देब (SWA), जीत का अंतर 18.5%
- 1977भानु गंगा त्रिभुवन देब (JNP), जीत का अंतर 38.0%
- 1980अश्विनी कुमार बेहेरा (INC(I)), जीत का अंतर 21.5%
- 1985राज किशोर प्रधान (INC), जीत का अंतर 7.3%
- 1990प्रदीप्त गंगा देब (JD), जीत का अंतर 56.2%
- 1995प्रदीप्त गंग देब (JD), जीत का अंतर 10.6%
- 2000सुभाष चन्द्र पाणिग्रही (BJP), जीत का अंतर 9.4%
- 2004नितेश अंगा देब (INC), जीत का अंतर 11.4%