पाटनागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में पाटनागढ़ से 2 सदस्य चुने गए: अर्जुन दास (GP) और गनेशराम बरिहा (GP)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 23 बालिगुडा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अर्जुन दास 32.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अर्जुन दास | 24,63739.5% | |
| 2 | गनेशराम बरिहा | 22,10935.4% | |
| 3 | धोबा कोंध | 4,1616.7% | |
| 4 | नरेन्द्र परिछा | 3,6975.9% | |
| 5 | अर्जुन धरूआ SP | SP | 3,0254.8% |
| 6 | अभय प्रसाद ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6814.3% |
| 7 | नरसिंह मिश्र SP | SP | 2,1313.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।