पदमपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में पदमपुर से 2 सदस्य चुने गए: लाल रंजीत सिंह बरिहा (INC) और अनिरुध्द मिश्र (निर्दलीय)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 28 धर्मगढ़ है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — लाल रंजीत सिंह बरिहा 20.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल रंजीत सिंह बरिहा | 17,63634.5% | |
| 2 | अनिरुध्द मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 7,97915.6% |
| 3 | लक्ष्मीनारायण मिश्र | 7,12613.9% | |
| 4 | लाल नित्यानदंडा सिंह बरिहा | 3,6967.2% | |
| 5 | हरिहर दोरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1426.1% |
| 6 | विद्याधर बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0375.9% |
| 7 | मानभंजन प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6665.2% |
| 8 | गोकुलानंद नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3294.5% |
| 9 | भुवनानंद साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1184.1% |
| 10 | प्रफुल्ल कुमार बोहिदार | 1,4312.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।