ब्रह्मगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बिस्वनाथ परिडा (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 31.4% वोट पाकर ब्रह्मगिरि सीट जीती और जगन्नाथ मिश्र (INC) को 701 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 87 भाद्रक है।
विजेता
5.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिस्वनाथ परिडा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,37931.4% |
| 2 | जगन्नाथ मिश्र | 3,67826.4% | |
| 3 | राम चन्द्र मिश्र | 2,41017.3% | |
| 4 | राजकिशोर मोहंती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,62011.6% |
| 5 | सारंगधर छोटराई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3149.4% |
| 6 | पद्मनाभ परिडा SP | SP | 5373.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।