सुन्दरगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में सुन्दरगढ़ से 2 सदस्य चुने गए: कृपानिधि नाईक (INC) और द्वारिकानाथ कुसुम (GP)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 36 बारगढ़ है।
विजेता
सुन्दरगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,848 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृपानिधि नाईक | 18,21217.6% | |
| 2 | हरिहर पटेल | 16,36415.8% | |
| 3 | द्वारिकानाथ कुसुम | 16,33015.7% | |
| 4 | दैतारी तांती | 15,82815.3% | |
| 5 | रंगबल्लव अमात निर्दलीय | निर्दलीय | 13,22112.7% |
| 6 | नीरदा गोपाल गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 10,74510.3% |
| 7 | मुनु पाना निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4003.3% |
| 8 | जयदेब पान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3193.2% |
| 9 | उग्रसेन पुरुसेठ SP | SP | 3,2873.2% |
| 10 | गुस्ताली मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0893.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।