कर्नाटक 1989 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 178 सीटें (79.5%)JD: 24 सीटें (10.7%)IND: 12 सीटें (5.4%)BJP: 4 सीटें (1.8%)JNP(JP): 2 सीटें (0.9%)KRS: 2 सीटें (0.9%)ADK: 1 सीट (0.4%)MUL: 1 सीट (0.4%)बहुमत के लिए 113224सरकार बनाने के लिए 113
  • INC17879.5%
  • JD2410.7%
  • निर्दलीय125.4%
  • BJP41.8%
  • JNP(JP)20.9%
  • KRS20.9%
  • ADK10.4%
  • MUL10.4%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस भारी-भरकम बहुमत के साथ लौटी

क्या हुआ

विपक्ष ज़ोरदार तरीक़े से सत्ता में लौटा और पिछली सरकार का दौर ख़त्म हुआ।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 178 सीटें जीतीं — भारी-भरकम बहुमत, जो विधान सभा पर पूरे नियंत्रण के लिए काफ़ी था।

इससे उसे विधान सभा का 79.5% मिला, जो साधारण बहुमत के आँकड़े से 65 सीटें ज़्यादा था।

जनता दल सिर्फ़ 24 सीटों के साथ बहुत पीछे रही।

क्या बदला

जीतने वाली पार्टी की अपनी सीटों ने नया रिकॉर्ड बनाया — यह उसका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था।

इस बार उसने 178 सीटें जीतीं, जितनी पहले किसी पार्टी ने नहीं जीती थीं।

इस चुनाव में जनता दल ने भी पहली बार सीटें जीतीं।

उसे 27.1% वोट मिले, लेकिन सीटों का छोटा-सा हिस्सा ही।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला शिवाजीनगर, कर्नाटक में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 91 रहा।

दूसरी ओर, तिपटूर, कर्नाटक में जीत 54.4% वोटों के अंतर से हुई।

सबसे ज़्यादा श्रीनिवासपुर, कर्नाटक में रहा, जहाँ यह 81.5% तक पहुँचा।

सबसे ज़्यादा मतदाता उत्तरहल्ली, कर्नाटक में थे, मतदाता सूची में 4,56,705 लोग।

पृष्ठभूमि

इस परिणाम ने कर्नाटक के पिछले चुनाव के बाद बनी सरकार की जगह ली।

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