निप्पाणीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
जोशी सुभाष श्रीधर (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 36.4% वोट पाकर निप्पाणी सीट जीती और अंबले चन्नाराव विष्णुपंत (INC) को 354 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 204 मंगलौर है।
विजेता
निप्पाणी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 354 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जोशी सुभाष श्रीधर राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 26,00936.4% |
| 2 | अंबले चन्नाराव विष्णुपंत | 25,65535.9% | |
| 3 | मानवी शामराव गोविंदराव निर्दलीय | निर्दलीय | 15,60721.9% |
| 4 | मनोहर हालप्पा बन्ने JNP(JP) | JNP(JP) | 1,8632.6% |
| 5 | कमाते शिवमूर्ति भीमा KRS | KRS | 1,4722.1% |
| 6 | पाटिल अशोक बालाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.6% |
| 7 | वडेर भालचंद्र विनायक निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निप्पाणी से कौन जीता, 1978–2004
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 68.6% से घटकर 65.4% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978चव्हाण बलवंत गोपाल (IND), जीत का अंतर 42.8%
- 1983शिंदे बालासाहेब दत्ताजी (IND), जीत का अंतर 6.4%
- 1985पाटिल वीरकुमार अप्पासो (INC), जीत का अंतर 61.6%
- 1989जोशी सुभाष श्रीधर (JD), जीत का अंतर 0.5%
- 1994जोशी सुभाष श्रीधर (JD), जीत का अंतर 1.9%
- 1999पाटिल काकासाहेब पांडुरंग (INC), जीत का अंतर 12.0%
- 2004काकासाहेब पांडुरंग पाटिल (INC), जीत का अंतर 0.4%