नई पार्टी ने कमान सँभाली
क्या हुआ
इस बार एक दूसरी पार्टी ने कमान सँभाली, हालाँकि अपने दम पर सरकार चलाने लायक़ सीटें मुश्किल से ही जुटीं।
जनता दल ने 115 सीटें जीतीं।
यह 113 सीटों के बहुमत के आँकड़े से सिर्फ़ 2 सीटें ज़्यादा था।
भारतीय जनता पार्टी 40 सीटों के साथ काफ़ी पीछे दूसरे स्थान पर रही।
क्या बदला
पिछले चुनाव से सरकार चला रही पार्टी ने अपनी सीटों का बड़ा हिस्सा गँवा दिया।
95 सीटें अकेले इंडियन नेशनल कांग्रेस से उसके पास आईं — सत्ता से जा रही सरकार के लिए भारी गिरावट।
कुल 12 अलग-अलग दलों ने सीटें जीतीं, और निर्दलीयों ने 18 और जीतीं — परिणाम पहले से कहीं ज़्यादा बिखरा हुआ था।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला होलेनरसीपुर, कर्नाटक में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 122 रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) श्रीनिवासपुर, कर्नाटक में रहा, जहाँ यह 84.2% तक पहुँचा।
सबसे ज़्यादा मतदाता उत्तरहल्ली, कर्नाटक में थे, जहाँ मतदाता सूची में 6,33,241 लोग दर्ज थे।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला हुबली ग्रामीण, कर्नाटक में था, जहाँ 30 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव में कुछ छोटे और नए दलों ने भी पहली बार सीटें जीतीं।
कर्नाटक कांग्रेस पार्टी ने इस रिकॉर्ड में अपनी पहली सीट जीती।