तरीकेरेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
एस.एम. नागराजु (निर्दलीय) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर तरीकेरे सीट जीती और बी.आर. नीलकंठप्पा (JD) को 557 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 157 मल्लेश्वरम है।
विजेता
तरीकेरे का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 557 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.एम. नागराजु निर्दलीय | निर्दलीय | 33,76935.3% |
| 2 | बी.आर. नीलकंठप्पा जनता दल | जनता दल | 33,21234.7% |
| 3 | एच.आर. राजू | 20,92921.9% | |
| 4 | आर. देवानंद | 4,8245.0% | |
| 5 | टी.एस. देवराजू | 1,0171.1% | |
| 6 | एम. महेश्वरप्पा (महेश) KRRS | KRRS | 5770.6% |
| 7 | डी. चंद्या नायका निर्दलीय | निर्दलीय | 5080.5% |
| 8 | डी. सिद्रामप्पा KCP | KCP | 5060.5% |
| 9 | ए.आर. चंद्रशेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 10 | बी.जी. हरीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.1% |
| 11 | सी. थिम्मराजु निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 12 | टी.आर. चन्द्रशेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तरीकेरे से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 64.6% से बढ़कर 73.4% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978एच. एम. मल्लिकार्जुनप्पा (INC(I)), जीत का अंतर 12.2%
- 1983एच. आर. राजू (INC), जीत का अंतर 26.9%
- 1985बी. आर. नीलकंठप्पा (JNP), जीत का अंतर 9.1%
- 1989एच. आर. राजू (INC), जीत का अंतर 22.4%
- 1994एस.एम. नागराजु (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 1999बी. आर. नीलकंठप्पा (INC), जीत का अंतर 22.7%
- 2004शिवशंकरप्पा टी. एच. (INC), जीत का अंतर 18.3%