पांडवपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
के.एस. पुट्टन्नय्या (KRRS) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 40.7% वोट पाकर पांडवपुरा सीट जीती और के. केंपेगौड़ा (निर्दलीय) को 12,584 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 108 मायकोंडा है।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.एस. पुट्टन्नय्या KRRS | KRRS | 43,32340.7% |
| 2 | के. केंपेगौड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 30,73928.9% |
| 3 | डी. हलगेगौडा | 19,72018.5% | |
| 4 | सी. नागभूषण KCP | KCP | 4,5674.3% |
| 5 | के. नंजेगौड़ा समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,9162.7% |
| 6 | के. वेंकटरमनेगौडा उर्फ़ थम्मन्ना | 2,3712.2% | |
| 7 | बी. प्रकाश | 1,0571.0% | |
| 8 | एम.वी. कृष्णप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 8170.8% |
| 9 | के. रमैया उर्फ़ जानकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 10 | बी. नरसिम्हामूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.2% |
| 11 | जी.के. गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.2% |
| 12 | डॉ. टी. सिद्देगौड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 13 | एच.बी. रामलिंगेगौडा KCVP | KCVP | 410.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पांडवपुरा से कौन जीता, 1978–2004
KRRS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह KRRS की पहली जीत थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 75.8% से बढ़कर 78.4% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978के. राजगोपाल (JNP), जीत का अंतर 15.6%
- 1983के. केंपेगौड़ा (JNP), जीत का अंतर 10.4%
- 1985के. केंपेगौड़ा (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 1989डी. हलगे गौउड़ा (INC), जीत का अंतर 3.7%
- 1994के.एस. पुट्टन्नय्या (KRRS), जीत का अंतर 11.8%
- 1999के. केंपेगौड़ा (INC), जीत का अंतर 7.2%
- 2004पुट्टराजू सी. एस. (JD(S)), जीत का अंतर 1.3%