पांडवपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1978
के. राजगोपाल (JNP) ने 1978 के विधान सभा चुनाव में 45.2% वोट पाकर पांडवपुरा सीट जीती और सी.बी. मारीगौडा (INC(I)) को 9,456 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 108 मायकोंडा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के. राजगोपाल 15.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. राजगोपाल जनता | जनता | 27,34145.2% |
| 2 | सी.बी. मारीगौडा INC | INC | 17,88529.5% |
| 3 | डी. हलगे गौउड़ा | 11,32318.7% | |
| 4 | बी. बोरेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6474.4% |
| 5 | के. मायिगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 7101.2% |
| 6 | के. नागराजु निर्दलीय | निर्दलीय | 6321.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पांडवपुरा से कौन जीता, 1978–2004
इसके बाद 1983 के चुनाव में भी JNP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978के. राजगोपाल (JNP), जीत का अंतर 15.6%
- 1983के. केंपेगौड़ा (JNP), जीत का अंतर 10.4%
- 1985के. केंपेगौड़ा (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 1989डी. हलगे गौउड़ा (INC), जीत का अंतर 3.7%
- 1994के.एस. पुट्टन्नय्या (KRRS), जीत का अंतर 11.8%
- 1999के. केंपेगौड़ा (INC), जीत का अंतर 7.2%
- 2004पुट्टराजू सी. एस. (JD(S)), जीत का अंतर 1.3%