रिकॉर्ड की शुरुआत कांग्रेस की बड़ी जीत से
क्या हुआ
इस चुनाव में एक ही पार्टी ने साफ़ बहुमत जीता; यह इस रिकॉर्ड में दर्ज कर्नाटक का सबसे पुराना विधान सभा परिणाम है।
इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) ने विधान सभा की 149 सीटें जीतीं — सीटों के हिस्से के हिसाब से भारी जीत।
यह 113 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 36 सीटें ज़्यादा था।
जनता पार्टी 59 सीटों के साथ काफ़ी पीछे रही।
क्या बदला
इस रिकॉर्ड में कर्नाटक का इससे पहले का कोई परिणाम नहीं है, जिससे इस चुनाव की तुलना की जा सके।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) 69.9% तक पहुँचा।
6 दलों ने सीटें जीतीं, साथ ही 10 निर्दलीय भी जीते।
हर सीट पर औसतन 5.2 उम्मीदवार मैदान में थे।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला जगलूर, कर्नाटक में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 59 रहा।
सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत किरगावल, कर्नाटक में रहा, जहाँ 86.4% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
सबसे ज़्यादा मतदाता राजाजीनगर, कर्नाटक में थे, मतदाता सूची में 1,23,512 लोग।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला चिकपेट, कर्नाटक में था, जहाँ 15 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव से कोई ख़ास नाटकीय घटना नहीं जुड़ी है — यह मुख्य रूप से इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) की साफ़ और सुरक्षित अंतर वाली जीत है।