सुल्याविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1978
ए. रामचंद्र (JNP) ने 1978 के विधान सभा चुनाव में 44.5% वोट पाकर सुल्या सीट जीती और पी. डी. बंगेरा (INC(I)) को 3,274 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 137 पावगडा है।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. रामचंद्र जनता | जनता | 24,14844.5% |
| 2 | पी. डी. बंगेरा INC | INC | 20,87438.5% |
| 3 | बी. रामकृष्ण वाम दल | वाम दल | 6,48212.0% |
| 4 | एम. भास्कर नाईक | 2,5154.6% | |
| 5 | बी. हुकरप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC(I) और CPM को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुल्या से कौन जीता, 1978–2004
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।