हलसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1978
मदनलाल बडेअप्पा (INC(I)) ने 1978 के विधान सभा चुनाव में 36.1% वोट पाकर हलसूर सीट जीती और तात्याराव कांबले (JNP) को 1,535 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 3 अथणी है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मदनलाल बडेअप्पा 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मदनलाल बडेअप्पा INC | INC | 14,56236.1% |
| 2 | तात्याराव कांबले जनता | जनता | 13,02732.3% |
| 3 | त्रिंबक डांगे | 5,96514.8% | |
| 4 | ठाकुरसिंग नारायणसिंग राठोड निर्दलीय | निर्दलीय | 4,92412.2% |
| 5 | महेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3423.3% |
| 6 | जरेप्पा विश्वनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5361.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हलसूर से कौन जीता, 1978–2004
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978मदनलाल बडेअप्पा (INC(I)), जीत का अंतर 3.8%
- 1983रामचन्दर वीरप्पा (INC), जीत का अंतर 15.5%
- 1985शिवकांत चतुरे (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1989महेन्द्र कुमार कल्लप्पा (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1994एल.के. चव्हाण (BJP), जीत का अंतर 6.1%
- 1999राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 17.3%
- 2004राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 1.7%