हलसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
रामचन्दर वीरप्पा (INC) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 49.2% वोट पाकर हलसूर सीट जीती और जयराज चतुरे (JNP) को 5,631 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 3 अथणी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामचन्दर वीरप्पा 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामचन्दर वीरप्पा कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 17,84749.2% |
| 2 | जयराज चतुरे जनता | जनता | 12,21633.7% |
| 3 | एम. असाजी एकनाथ | 5,88116.2% | |
| 4 | विठ्ठल राव चीलू कारभारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JNP और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हलसूर से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 49.1% से घटकर 42.1% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।
- 1978मदनलाल बडेअप्पा (INC(I)), जीत का अंतर 3.8%
- 1983रामचन्दर वीरप्पा (INC), जीत का अंतर 15.5%
- 1985शिवकांत चतुरे (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1989महेन्द्र कुमार कल्लप्पा (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1994एल.के. चव्हाण (BJP), जीत का अंतर 6.1%
- 1999राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 17.3%
- 2004राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 1.7%