हलसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
एल.के. चव्हाण (BJP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर हलसूर सीट जीती और माणिकराव संभाजी परांजपे (JD) को 4,368 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 3 अथणी है।
विजेता
6.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एल.के. चव्हाण | 28,40239.5% | |
| 2 | माणिकराव संभाजी परांजपे जनता दल | जनता दल | 24,03433.4% |
| 3 | रामचंद्र होसमनी | 8,58711.9% | |
| 4 | जयराम घलेप्पा KRRS | KRRS | 3,9205.5% |
| 5 | माणिकराव एम. मास्टर KCP | KCP | 1,8592.6% |
| 6 | बाबुराव पांडुरंगराव | 1,5182.1% | |
| 7 | जयराज चतुरे समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,4502.0% |
| 8 | बाबू रामण जल्दे निर्दलीय | निर्दलीय | 8241.1% |
| 9 | मोहन किशन मिलिंद गुरूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.6% |
| 10 | सोपान नरसिंगराव निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.4% |
| 11 | गौतम सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.3% |
| 12 | विठ्ठल नागप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.3% |
| 13 | भास्करबाबू पतरपल्ली निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 14 | वेंकटराव अमृतराव | 550.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हलसूर से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 47.0% से बढ़कर 54.7% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978मदनलाल बडेअप्पा (INC(I)), जीत का अंतर 3.8%
- 1983रामचन्दर वीरप्पा (INC), जीत का अंतर 15.5%
- 1985शिवकांत चतुरे (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1989महेन्द्र कुमार कल्लप्पा (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1994एल.के. चव्हाण (BJP), जीत का अंतर 6.1%
- 1999राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 17.3%
- 2004राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 1.7%