हलसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
महेन्द्र कुमार कल्लप्पा (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 29.6% वोट पाकर हलसूर सीट जीती और माणिक राव संभाजी प्रांजपे (JD) को 867 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 3 अथणी है।
विजेता
हलसूर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 867 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र कुमार कल्लप्पा | 16,70929.6% | |
| 2 | माणिक राव संभाजी प्रांजपे राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 15,84228.1% |
| 3 | सुरेन्द्र वीरूपक्ष स्वामी शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 12,75122.6% |
| 4 | अर्जुन वीरप्पा जंजीर DMM | DMM | 2,8985.1% |
| 5 | पृथ्वीराज एस. जाधव | 2,4654.4% | |
| 6 | अर्जुन राव डांगे JNP(JP) | JNP(JP) | 1,7133.0% |
| 7 | गंगम्मा तुलसीराम फूले | 1,1152.0% | |
| 8 | लक्ष्मण गुंडप्पा गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 9251.6% |
| 9 | दोड्डी दशरथ नागप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 5811.0% |
| 10 | जयवंत तुकाराम सागर KRS | KRS | 5100.9% |
| 11 | शिवकांता जयराज निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.8% |
| 12 | के. भीम राव येंकप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 4430.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हलसूर से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 47.0%। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978मदनलाल बडेअप्पा (INC(I)), जीत का अंतर 3.8%
- 1983रामचन्दर वीरप्पा (INC), जीत का अंतर 15.5%
- 1985शिवकांत चतुरे (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1989महेन्द्र कुमार कल्लप्पा (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1994एल.के. चव्हाण (BJP), जीत का अंतर 6.1%
- 1999राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 17.3%
- 2004राजेन्द्र वर्मा (BJP), जीत का अंतर 1.7%