गंडसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
बी. शिवरामु (निर्दलीय) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 51.7% वोट पाकर गंडसी सीट जीती और ई. नंजे गौउड़ा (JD) को 10,932 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 131 कुणिगल है।
विजेता
10.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. शिवरामु निर्दलीय | निर्दलीय | 53,00251.7% |
| 2 | ई. नंजे गौउड़ा जनता दल | जनता दल | 42,07041.0% |
| 3 | जी.आर. गोपी नाथ | 5,6055.5% | |
| 4 | जी.एम. मंजुनाथ KCP | KCP | 9680.9% |
| 5 | के.एच. हनुमंते गौउड़ा KRRS | KRRS | 5530.5% |
| 6 | जे.के. चिक्कय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और JD को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंडसी से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 71.5% से बढ़कर 77.9% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।