गंडसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
बी. शिवरामु (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 62.4% वोट पाकर गंडसी सीट जीती और राजशेखरप्पा (JD(S)) को 41,075 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 131 कुणिगल है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी. शिवरामु 41.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. शिवरामु | 62,53062.4% | |
| 2 | राजशेखरप्पा | 21,45521.4% | |
| 3 | ई. नंजेगौड़ा NDA | NDA | 14,31214.3% |
| 4 | एन. शिवस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9762.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और JD(S) को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंडसी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1994 के 77.9% से घटकर 73.0% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।