कृष्णराजपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
कृष्ण (JD) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 55.1% वोट पाकर कृष्णराजपेट सीट जीती और केंगेगौडा के.एन. (BJP) को 37,056 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 109 चन्नगिरि है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृष्ण 34.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण जनता दल | जनता दल | 59,84155.1% |
| 2 | केंगेगौडा के.एन. | 22,78521.0% | |
| 3 | चन्द्रशेखर के.बी. | 19,77318.2% | |
| 4 | रंगय्या बी.जे. | 3,7983.5% | |
| 5 | दोड्डस्वामी गौउड़ा मो. KCP | KCP | 1,6251.5% |
| 6 | बसवा राजू पी.डी. निर्दलीय | निर्दलीय | 7920.7% |
| 7 | मायप्पा पी.एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कृष्णराजपेट से कौन जीता, 1978–2004
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 72.4% से बढ़कर 77.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।