कृष्णराजपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एम. पुट्टस्वामी गौउड़ा (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर कृष्णराजपेट सीट जीती और के. एन. केंगे गौउड़ा (JNP(JP)) को 5,172 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 109 चन्नगिरि है।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. पुट्टस्वामी गौउड़ा | 35,96340.5% | |
| 2 | के. एन. केंगे गौउड़ा JNP(JP) | JNP(JP) | 30,79134.7% |
| 3 | कृष्ण राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 22,01524.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JNP(JP) और JD को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कृष्णराजपेट से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 74.7% से घटकर 72.4% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।