उत्तरहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
श्रीनिवास एम. (BJP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर उत्तरहल्ली सीट जीती और रमेश एस. (INC) को 45,878 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 89 हगरीबोम्मनहल्ली है।
विजेता
13.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीनिवास एम. | 1,44,19343.0% | |
| 2 | रमेश एस. | 98,31529.3% | |
| 3 | मुनिनारायण एच.एम. जनता दल | जनता दल | 76,00822.7% |
| 4 | रामू एम. KCP | KCP | 5,6701.7% |
| 5 | मैसूर कुमार JP | JP | 1,8620.6% |
| 6 | श्रीपाद राव एच.आर. KP | KP | 1,3810.4% |
| 7 | कोदंडराम एच.आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0780.3% |
| 8 | सूर्यनारायण राव एम.जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 8580.3% |
| 9 | वेंकटस्वामी एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 8040.2% |
| 10 | पटलय्या एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 7780.2% |
| 11 | राजन्ना ओ. निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.2% |
| 12 | रामचंद्र के.बी. KCVP | KCVP | 4310.1% |
| 13 | मोहम्मद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.1% |
| 14 | शिवाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 3910.1% |
| 15 | उमा शंकर जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.1% |
| 16 | गोपालप्पा के.एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.1% |
| 17 | शशिकुमार वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.1% |
| 18 | थिम्मय्या सी.एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.1% |
| 19 | जोर्ज निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.1% |
| 20 | डॉ. लक्ष्मीनारायण बटाडा निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.1% |
| 21 | वेंकटरमय्या के.एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.1% |
| 22 | प्रकाश मूर्ति एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.1% |
| 23 | सोलूर वासुदेवकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
| 24 | दिलीप कुमार सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.0% |
| 25 | चोक्कलिंगराजू के.आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.0% |
| 26 | येल्लेगौड़ा के.टी. निर्दलीय | निर्दलीय | 950.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उत्तरहल्ली से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 50.4% से बढ़कर 52.9% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।