उत्तरहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
एम. श्रीनिवास (JNP) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर उत्तरहल्ली सीट जीती और सी. नारायण रेड्डी (INC) को 8,157 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 89 हगरीबोम्मनहल्ली है।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. श्रीनिवास जनता | जनता | 52,17550.6% |
| 2 | सी. नारायण रेड्डी कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 44,01842.7% |
| 3 | वी. आर. बोलार | 3,9153.8% | |
| 4 | वेंकटेश मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 8250.8% |
| 5 | थिम्मन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 6480.6% |
| 6 | के. आर. रवींद्रनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5320.5% |
| 7 | एच. एम. के. स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.4% |
| 8 | एम. ओरंगनटप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.3% |
| 9 | हनुमंतकंकणवाडी ICJ | ICJ | 2730.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उत्तरहल्ली से कौन जीता, 1978–2004
JNP ने 1978 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.6% से बढ़कर 50.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 1978 के 67.4% से घटकर 60.3% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी JNP ने यह सीट अपने पास रखी।