चिंतामणिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
के.एम. कृष्णारेड्डी (JD) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 47.6% वोट पाकर चिंतामणि सीट जीती और चौडारेड्डी (INC) को 898 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 68 नरगुंद है।
विजेता
चिंतामणि का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 898 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.एम. कृष्णारेड्डी जनता दल | जनता दल | 52,29347.6% |
| 2 | चौडारेड्डी | 51,39546.8% | |
| 3 | एन. शिवन्ना | 1,4311.3% | |
| 4 | डी. सदाप्पा | 1,2931.2% | |
| 5 | जे.वी. नारायणस्वामि KCP | KCP | 1,1781.1% |
| 6 | जी.सी. बैरेड्डी वाम दल | वाम दल | 1,0521.0% |
| 7 | एच.वी. गोविंदराजू निर्दलीय | निर्दलीय | 5530.5% |
| 8 | बी. कृष्णप्पा समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 4560.4% |
| 9 | ए. विश्वेश्वरराव निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 10 | जी. अक्कलप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 11 | बी. मुहम्मद ओबेदुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिंतामणि से कौन जीता, 1978–2004
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 75.5% से बढ़कर 77.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978चौडारेड्डी (INC(I)), जीत का अंतर 39.2%
- 1983चौडा रेड्डी (INC), जीत का अंतर 14.7%
- 1985के. एम. कृष्ण रेड्डी (JNP), जीत का अंतर 9.1%
- 1989गौडा रेड्डी (INC), जीत का अंतर 20.7%
- 1994के.एम. कृष्णारेड्डी (JD), जीत का अंतर 0.8%
- 1999चौडा रेड्डी (IND), जीत का अंतर 13.7%
- 2004डॉ. सुधाकर एम. सी. (INC), जीत का अंतर 6.3%