टी. नरसीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एम. श्रीनिवासय्या (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर टी. नरसीपुर सीट जीती और एच. सी. महादेवप्पा (JD) को 10,424 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 113 शिमोगा है।
विजेता
13.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. श्रीनिवासय्या | 38,91551.2% | |
| 2 | एच. सी. महादेवप्पा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 28,49137.5% |
| 3 | एस. आर. वरदराजू JNP(JP) | JNP(JP) | 5,1486.8% |
| 4 | ए. एम. राजन्ना KRS | KRS | 1,1011.4% |
| 5 | एन. नागराजु निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.6% |
| 6 | महादेवय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 4620.6% |
| 7 | वी. वेंकटेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3580.5% |
| 8 | सी. गट्टी सिद्धार्थ निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.4% |
| 9 | महादेवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.3% |
| 10 | एम. एन. राजू | 2170.3% | |
| 11 | एन. एस. सिद्धराजू निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 12 | एस. लिंगप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JD और JNP(JP) को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टी. नरसीपुर से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 67.8% से घटकर 66.5% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1978वेंकटरमणा पी. (INC(I)), जीत का अंतर 14.3%
- 1983वासुदेवा वी. (JNP), जीत का अंतर 19.2%
- 1985एच. सी. महादेवप्पा (JNP), जीत का अंतर 15.0%
- 1989एम. श्रीनिवासय्या (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 1994एच.सी. महादेवप्पा (JD), जीत का अंतर 35.5%
- 1999डॉ. भारती शंकर (BJP), जीत का अंतर 8.9%
- 2004डॉ. महादेवप्पा एच. सी. (JD(S)), जीत का अंतर 14.1%