बंटवालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
रामनाध राय (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 48.4% वोट पाकर बंटवाल सीट जीती और एच. नारायण राय (BJP) को 15,944 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 141 चिक्कबल्लापुर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामनाध राय 23.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामनाध राय | 32,93948.4% | |
| 2 | एच. नारायण राय | 16,99524.9% | |
| 3 | अब्दुल रहिमान राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 15,87923.3% |
| 4 | जॉन नोरोन्हा JNP(JP) | JNP(JP) | 2,3043.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JD को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बंटवाल से कौन जीता, 1978–2004
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.0% से घटकर 48.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 68.8% से घटकर 65.1% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।