बंटवालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
एन. शिवा राव (BJP) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 38.1% वोट पाकर बंटवाल सीट जीती और के. पी. अब्दुल्ला (INC) को 3,473 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 141 चिक्कबल्लापुर है।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन. शिवा राव | 17,69038.1% | |
| 2 | के. पी. अब्दुल्ला कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 14,21730.6% |
| 3 | बी. विश्वनाथ नायक वाम दल | वाम दल | 10,34222.3% |
| 4 | शेख इब्राहिम साहेब निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4437.4% |
| 5 | एन. वी. के. भटराकोडी निर्दलीय | निर्दलीय | 7171.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बंटवाल से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 77.0% से घटकर 67.0% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।