चिक्कनायकनहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
जे. सी. मधुस्वामी (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 33.0% वोट पाकर चिक्कनायकनहल्ली सीट जीती और बी. लक्कप्पा (INC) को 628 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 63 येलबुर्गा है।
विजेता
चिक्कनायकनहल्ली का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 628 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जे. सी. मधुस्वामी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 26,29133.0% |
| 2 | बी. लक्कप्पा | 25,66332.2% | |
| 3 | एन. बसवय्या JNP(JP) | JNP(JP) | 25,31731.8% |
| 4 | बी. एस. चन्नय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 8191.0% |
| 5 | बी. बी. सिद्धलिंगमूर्ति | 6240.8% | |
| 6 | सी. एस. नारायण राव निर्दलीय | निर्दलीय | 5040.6% |
| 7 | एच. एन. दोड्डेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.2% |
| 8 | एच. चन्नय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 9 | यू. बी. चन्नप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिक्कनायकनहल्ली से कौन जीता, 1978–2004
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 78.5% से घटकर 74.1% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट KCP ने जीती।
- 1978एन. बसवय्या (INC(I)), जीत का अंतर 15.6%
- 1983एस. जी. रामलिंगय्या (BJP), जीत का अंतर 5.8%
- 1985बी. लक्कप्पा (INC), जीत का अंतर 3.9%
- 1989जे. सी. मधुस्वामी (JD), जीत का अंतर 0.8%
- 1994एन. बसवय्या (KCP), जीत का अंतर 15.9%
- 1999सी.बी. सुरेश बाबू (JD(S)), जीत का अंतर 16.8%
- 2004मधुस्वामी जे. सी. (JD(U)), जीत का अंतर 1.7%