चिक्कनायकनहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
सी.बी. सुरेश बाबू (JD(S)) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 49.3% वोट पाकर चिक्कनायकनहल्ली सीट जीती और जे.सी. मधु स्वामी (JD(U)) को 14,943 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 63 येलबुर्गा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सी.बी. सुरेश बाबू 16.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सी.बी. सुरेश बाबू | 43,96149.3% | |
| 2 | जे.सी. मधु स्वामी NDA | NDA | 29,01832.6% |
| 3 | एच.एम. सुरेंद्रय्या | 16,14518.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD(S), JD(U) और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिक्कनायकनहल्ली से कौन जीता, 1978–2004
JD(S) ने यह सीट KCP से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD(S) की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1994 के 77.9% से घटकर 75.0% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।
- 1978एन. बसवय्या (INC(I)), जीत का अंतर 15.6%
- 1983एस. जी. रामलिंगय्या (BJP), जीत का अंतर 5.8%
- 1985बी. लक्कप्पा (INC), जीत का अंतर 3.9%
- 1989जे. सी. मधुस्वामी (JD), जीत का अंतर 0.8%
- 1994एन. बसवय्या (KCP), जीत का अंतर 15.9%
- 1999सी.बी. सुरेश बाबू (JD(S)), जीत का अंतर 16.8%
- 2004मधुस्वामी जे. सी. (JD(U)), जीत का अंतर 1.7%