कलमलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
के. भीमन्ना (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 32.7% वोट पाकर कलमला सीट जीती और मुनियप्पा (JD) को 185 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 22 बिलगी है।
विजेता
कलमला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 185 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. भीमन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 20,09432.7% |
| 2 | मुनियप्पा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 19,90932.4% |
| 3 | कृष्णमूर्ति JNP(JP) | JNP(JP) | 10,40416.9% |
| 4 | शंकरगौड़ा हरवी KRS | KRS | 8,11513.2% |
| 5 | पारसमल सुखानी निर्दलीय | निर्दलीय | 9381.5% |
| 6 | प्रेम राज जैन हुलीसेठ निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.7% |
| 7 | सवारप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.6% |
| 8 | इस्माईल साब निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.5% |
| 9 | मुथु स्वामी सेतु निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.5% |
| 10 | शिवमूर्तु स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.4% |
| 11 | हनमदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.4% |
| 12 | वी. एच. मास्टर निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कलमला से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.6% से घटकर 48.0% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1978सुधेंद्र राव कसबे (INC(I)), जीत का अंतर 19.1%
- 1983सुधेंद्र राव कसबे (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 1985कृष्णमूर्ति (JNP), जीत का अंतर 4.1%
- 1989के. भीमन्ना (IND), जीत का अंतर 0.3%
- 1994मुनियप्पा (JD), जीत का अंतर 14.6%
- 1999राजा अमरेश्वर नाईक (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 2004मुनियप्पा मुद्दप्पा बी. (JD(S)), जीत का अंतर 3.2%