बेल्लारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एम. रामप्पा (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 34.8% वोट पाकर बेल्लारी सीट जीती और पन्नराज (निर्दलीय) को 4,933 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 33 सिंदगी है।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. रामप्पा | 26,80234.8% | |
| 2 | पन्नराज निर्दलीय | निर्दलीय | 21,86928.4% |
| 3 | के. भास्कर नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 10,56513.7% |
| 4 | एम. रवि प्रसाद राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 10,53813.7% |
| 5 | अब्दुल अज़ीज़ JNP(JP) | JNP(JP) | 2,8843.8% |
| 6 | शारदा माइबेन्नोर वाम दल | वाम दल | 2,2733.0% |
| 7 | पी. वीरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 9701.3% |
| 8 | एम. नरसिम्हप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 3580.5% |
| 9 | हयात बाषा निर्दलीय | निर्दलीय | 3470.5% |
| 10 | पी. वली निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.3% |
| 11 | एम. सी. रुद्रमुनिस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बेल्लारी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.7% से घटकर 34.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 41.3% से बढ़कर 48.3% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।