बेल्लारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
एम. रामप्पा (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 40.7% वोट पाकर बेल्लारी सीट जीती और शारदा माले बेन्नूर (CPI) को 2,633 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 33 सिंदगी है।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. रामप्पा | 20,48540.7% | |
| 2 | शारदा माले बेन्नूर वाम दल | वाम दल | 17,85235.5% |
| 3 | सबजन निर्दलीय | निर्दलीय | 7,08914.1% |
| 4 | वाई. चंगलप्पा | 2,7015.4% | |
| 5 | वी. एच. भास्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 9651.9% |
| 6 | पी. वलीसाब निर्दलीय | निर्दलीय | 4901.0% |
| 7 | रामलिंगनगौड निर्दलीय | निर्दलीय | 3830.8% |
| 8 | एन. वी. स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.4% |
| 9 | एम. एस. आर. राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बेल्लारी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1983 के 56.9% से घटकर 41.3% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।