रायचूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एम. एस. पाटिल (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर रायचूर सीट जीती और मोहम्मद ओमर (INC) को 3,126 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 21 जमखंडी है।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. एस. पाटिल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 22,81842.1% |
| 2 | मोहम्मद ओमर | 19,69236.4% | |
| 3 | मोहम्मद उस्मान अली JNP(JP) | JNP(JP) | 4,5758.4% |
| 4 | एन. शंकरप्पा | 2,7525.1% | |
| 5 | नरसप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9053.5% |
| 6 | अहमद हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 4920.9% |
| 7 | ओमदास | 4310.8% | |
| 8 | मुत्तुसामी सेतु निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.6% |
| 9 | रंगनाथ रामुलु निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.5% |
| 10 | ई. नरसिम्हारओ निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.5% |
| 11 | पुंडी चंद्रप्पा KRS | KRS | 2250.4% |
| 12 | बल्लमचन्नकेश्व रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.3% |
| 13 | श्रीपाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
| 14 | एम. बसवराज पाटिल निर्दलीय | निर्दलीय | 880.2% |
| 15 | अनुनाबाई निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायचूर से कौन जीता, 1978–2004
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 39.9% से बढ़कर 41.4% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978नसीर अहमद सिद्दीकी (INC(I)), जीत का अंतर 30.7%
- 1983संगमेश्वर सरदार (JNP), जीत का अंतर 10.1%
- 1985मुहम्मद उमर अब्दुल रहमान (INC), जीत का अंतर 32.6%
- 1989एम. एस. पाटिल (JD), जीत का अंतर 5.8%
- 1994एम.एस. पाटिल (JD), जीत का अंतर 6.6%
- 1999सैयद यासीन (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 2004आहुजा पापारेड्डी (BJP), जीत का अंतर 9.0%