वही पार्टी फिर सत्ता में
क्या हुआ
गुजरात का पिछला चुनाव जीतने वाली पार्टी सत्ता में लौटी और आराम से बहुमत बनाए रखा, हालाँकि उसकी सीटें पहले से थोड़ी कम हुईं।
भारतीय जनता पार्टी ने कुल 182 सीटों में से 117 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 25 सीटें ज़्यादा था।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी इंडियन नेशनल कांग्रेस 53 सीटों के साथ उसके बाद रही।
क्या बदला
पार्टी ने बहुमत बनाए रखा, हालाँकि पिछली बार जीती सीटों में से कुछ उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी के पास चली गईं।
उसकी सीटें 121 से घटकर 117 रह गईं।
जिन 68 निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी बदली, उनमें से 24 ने पहले भाजपा को चुना था और इस बार कांग्रेस को चुना।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: उपलेटा, गुजरात का फ़ैसला सिर्फ़ 379 वोटों से हुआ, जो उस साल पूरे राज्य में सबसे कम (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) था।
दूसरी ओर, एलिसब्रिज, गुजरात में जीत का अंतर 59.4% वोट रहा।
उस साल किसी भी सीट से ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) वाव, गुजरात में दर्ज हुआ, 75.6%।
सबसे कम मतदान प्रतिशत जामनगर ग्रामीण, गुजरात में दर्ज हुआ, 36.8%।
पृष्ठभूमि
गुजरात विधान सभा में यह उसी पार्टी की लगातार दूसरी जीत थी।